Sign up for our weekly newsletter

News Updates
Popular Articles
Videos
  • More than 5 million people die each year because of extreme temperature conditions

  • Global COVID-19 death toll crosses 4 million

स्वच्छ भारत मिशन

निर्मल और स्वच्छ भारत अभियान की पोल खोलता एक गांव!

21 साल के दौरान पहले निर्मल भारत और फिर स्वच्छ भारत अभियान के दौरान इस गांव में केवल चार शौचालय बने, लेकिन कागजों में इसे ओडीएफ घोषित किया जा चुका है

स्वच्छ भारत मिशन

स्वच्छ सर्वेक्षण 2020: इंदौर कैसे बन गया भारत का सबसे साफ शहर

देश में लगातार चार  बार सबसे साफ शहर का दर्जा पाने वाले इंदौर शहर में आखिर ऐसा क्या हो रहा है कि इसे स्वच्छता ...

स्वच्छ भारत मिशन

क्लीन सिटी-2: क्यों है भोपाल देश की सबसे साफ राजधानी?

स्वच्छ सर्वेक्षण में भोपाल दो बार दूसरा सबसे साफ शहर रह चुका है, हालांकि वर्ष 2019 में इसकी रैंकिंग फिसलकर 19 रह गई। यह ...

स्वच्छ भारत मिशन

मोदी सरकार ने बनाई गांवों को संपूर्ण स्वच्छ बनाने के लिए 10 साल की रणनीति

सरकार का कहना है कि स्वच्छ भारत मिशन का लक्ष्य लगभग हासिल हो चुका है, अब ग्रामीण क्षेत्र को संपूर्ण स्वच्छता का लक्ष्य रखा ...

स्वच्छ भारत मिशन

स्वच्छ भारत मिशन: भ्रम है ओडीएफ भारत का दावा, मैला ढोने को विवश हो सकते हैं लोग  

देश को 2015 में बताया में गया था कि अनुमानित 62 हजार एमएलडी सीवेज पैदा होता है जिसमें से महज 18 हजार एमएलडी सीवेज ...

क्या कृषि से जुड़ा कचरा बदल देगा भारत में फैशन का भविष्य

भारत में हर साल ईंधन, चारा और अन्य तरह से उपयोग के बाद भी 14 करोड़ टन कृषि अवशेष बचा रहा जाता है, जिसका उपयोग कपड़ा उद्योग में किया जा सकता ह

अभी भी खुले में शौच करते हैं दुनिया के 49.4 करोड़ लोग

2015 में देश की करीब 40 फीसदी ग्रामीण आबादी खुले में शौच करती थी, लेकिन 2020 में यह आंकड़ा घटकर 22 फीसदी रह गया ह

प्लास्टिक पर प्रतिबंध से पहले कचरा बीनने वालों पर दिया जाए ध्यान: रिपोर्ट

एक कचरा बीनने वाले की 40 से 60 फीसदी कमाई प्लास्टिक से होती है, जो प्लास्टिक वो चुनता है उसे रीसायकल कर दिया जाता है। समस्या उस प्लास्टिक से है जो उसके बाद भी पर्यावरण में बची रह जाती ...

तीन करोड़ बच्चों-महिलाओं के लिए खतरा बना ई-कचरा: डब्ल्यूएचओ

दुनिया भर में 1.29 करोड़ महिलाएं कचरे से जुड़े अनौपचारिक क्षेत्र में काम करती हैं, जो उन्हें और उनके अजन्मे बच्चों को जहरीले इलेक्ट्रॉनिक कचरे के संपर्क में लाता है

स्टेट ऑफ इंडियाज एनवायरमेंट 2021: नदियों में सीधे जा रहा है 74 फीसदी सीवेज

देश में उत्पन्न 78 प्रतिशत सीवेज बिना उपचारित नदियों में प्रवाहित किया जा रहा है

दुनिया के आधे से ज्यादा सिंगल यूज प्लास्टिक कचरे के लिए जिम्मेवार हैं महज 20 पेट्रोकेमिकल कंपनियां

वहीं यदि 100 प्रमुख कंपनियों की बात करें तो वो इतने प्लास्टिक पॉलीमर का उत्पादन करती हैं जो करीब 90 फीसदी सिंगल यूज प्लास्टिक कचरा के लिए जिम्मेवार होता है

क्या होता है इलेक्ट्रॉनिक वेस्ट (ई-वेस्ट)? देश-दुनिया में कितनी बड़ी है इसकी समस्या?

भारत ने 2018 में अपने कुल ई-वेस्ट का केवल 3 फीसदी ही कलेक्ट किया था जबकि 2019 में वो केवल 10 फीसदी था

जानवरों की जान ले रहा है पीपीई वेस्ट

यह कचरा न केवल जमीन पर रहने वाले जीवों बल्कि पानी में रहने वाले जीवों को भी प्रभावित कर रहा है